अध्याय 7

ठीक छह बजे, बिस्तर के पास रखी अलार्म घड़ी ने अपनी कर्कश आवाज़ उगल दी।

कैरोलाइन की पलकों में हल्की-सी थरथराहट हुई। सात साल से एक-सी चलती उसकी देह-घड़ी ने उसे पल भर में जगा दिया।

वह सहारे से उठ बैठी। नाइटी का गला फिसलकर उसके फीके-से गले का हिस्सा दिखा गया।

रूटीन के हिसाब से उसे अब तक रसोई में होना चाहिए था—दोनों बच्चों के लिए नाश्ता बनाते हुए।

वे खा लें तो वह उन्हें स्कूल छोड़ने जाती, फिर घर लौटकर समेट-साफ़ कर के आर्थर के रात के खाने की तैयारी करती...

ये मामूली काम जैसे उसकी रग-रग में प्रोग्राम हो चुके थे।

लेकिन जैसे ही वह रज़ाई हटाकर बिस्तर से उतरने वाली थी, उसे अचानक कल रात फोन स्क्रीन पर आई अस्पताल की फॉलो-अप वाली सूचना याद आ गई।

आर्थर से तलाक़ लेने का उसका इरादा चाहे जो हो, इस सब में बच्चों की कोई गलती नहीं थी।

कैरोलाइन ने गहरी साँस ली, बेडसाइड टेबल से अपना फोन उठाया और कॉन्टैक्ट्स में आर्थर का नंबर ढूँढ़ लिया।

काफी देर तक रिंग होती रही, तब कहीं उसने उठाया। “हेलो, क्या है?”

“आर्थर, मैं हूँ,” कैरोलाइन की आवाज़ शांत थी। “आज मुझे एक काम से जाना है, मैं बच्चों को स्कूल नहीं छोड़ पाऊँगी। तुम—”

“ठीक है, ज़रूरत नहीं—” वह वाक्य पूरा भी नहीं कर पाया था कि रिसीवर से एक साफ़, मुलायम स्त्री-स्वर अचानक सुनाई दिया, “आर्थर, फ्राइड एग्स में और कितना वक्त लगेगा?”

कैरोलाइन की उँगलियाँ फोन पर कस गईं। वह आवाज़ बेहद जानी-पहचानी थी। हाइडी।

दूसरी तरफ़ खड़खड़ाहट-सी हुई, फिर सन्नाटा, और उसके बाद दरवाज़ा बंद होने की आवाज़।

कैरोलाइन ने कुछ नहीं कहा, बस फोन को कान से और लगा लिया।

आर्थर बोला, “जब तुमने तय कर ही लिया है कि अलग रहोगी, तो बार-बार आने-जाने की ज़रूरत नहीं। हाइडी ऑफिस जाते हुए बच्चों को स्कूल छोड़ देगी। रास्ते में ही पड़ता है।”

कैरोलाइन के होंठों पर एक कड़वी-सी मुस्कान उभरी, मगर जवाब देने से पहले ही उसे रिसीवर में बच्चों की चमकीली किलकारियाँ सुनाई दीं—“डैडी, आज आप और मिस व्हाइट हमें साथ में स्कूल छोड़ने जा रहे हो?”

यह लोगन की आवाज़ थी, बचकाने उत्साह से भरी हुई।

वह आवाज़ सुई की तरह कैरोलाइन के दिल में चुभी, और दर्द घना होकर फैलने लगा।

बच्चों के पैदा होने के बाद से आर्थर के साथ उन्हें स्कूल छोड़ने का सपना उसने कितनी बार देखा था।

और हाइडी ने उसे कितनी आसानी से सच कर लिया।

कैरोलाइन हमेशा मानती रही थी कि बच्चों को उसी की ज़रूरत है—वे उसी पर निर्भर हैं।

पर अब लगता था, उसके बिना वे ज़्यादा खुश हैं। बस दो-चार फ्राइड एग्स के सहारे, हाइडी ने कैरोलाइन की सात साल की लगन पर जैसे हक़ जमा लिया था।

कैरोलाइन ने आँखें बंद कीं, गहरी साँस ली, और जब फिर खोलीं तो उसकी आँखों का उथल-पुथल मरकर एक ठंडी, सपाट शांति बन चुका था।

उसने फोन में बिना किसी उतार-चढ़ाव के कहा, “धन्यवाद। मैं आभारी हूँ।”

आर्थर के जवाब का इंतज़ार किए बिना उसने कॉल काट दी।

स्क्रीन के काली पड़ते ही कैरोलाइन कुछ सेकंड उस कालेपन को घूरती रही, फिर उसने हाथ बढ़ाकर वह अलार्म ढूँढ़ा जो सात साल से रोज़ सुबह ठीक छह बजे वफ़ादारी से बजता आया था, और बिना हिचक उसे डिलीट कर दिया।

सात साल। अब वह इस वक्त पर सिकुड़कर चौकन्नी होना बंद कर सकती थी।

वह फिर लेट गई और कंबल को अपने चारों तरफ़ लपेट लिया।

जब उसकी आँख खुली, तो लगभग दस बज रहे थे।

कैरोलाइन धीरे-धीरे उठी, सुबह के कुछ ज़रूरी काम निपटाए, और एक ढीला-सा बेज रंग का कोट पहन लिया। खुद को कसकर लपेटते हुए उसने बैग उठाया और निकल पड़ी।

अस्पताल में हमेशा की तरह कीटाणुनाशक और दवाइयों की मिली-जुली गंध थी—ठंडी और दमघोंटू।

रजिस्ट्रेशन कराने के बाद कैरोलाइन इंतज़ार वाले हिस्से में एक बेंच पर बैठ गई। इलेक्ट्रॉनिक स्क्रीन पर नाम बदल-बदलकर चल रहे थे, और उसकी उँगलियाँ अनायास ही कोट की जेब में रखी मेडिकल फाइल की किनारी पर घूम रही थीं।

उससे पहले अभी तीन लोग और थे।

उसने अपने हाथों की तरफ़ देखा। उँगलियों के पोरों पर हल्के-से छाले/कठोरपन थे, और अंगूठे के पास एक पतला-सा निशान—उबलता पानी छलक जाने से हुआ जलन का दाग, जब वह आर्थर के लिए सूप बना रही थी।

तभी इलेक्ट्रॉनिक स्क्रीन पर “हाइडी व्हाइट” नाम चमक उठा।

कैरोलाइन का दिल तेज़ी से सिकुड़ गया और उसने अनायास सिर उठा लिया।

हाइडी वेटिंग एरिया के प्रवेश द्वार से अंदर आ रही थी—आर्थर का हाथ थामे, उसके साथ सटी हुई।

उसने हल्की गुलाबी ड्रेस और सफ़ेद कार्डिगन पहन रखा था। लंबे बाल कंधों पर रेशम की तरह बिखरे थे। होंठों पर हल्की-सी मुस्कान थी और वह असाधारण रूप से स्वस्थ लग रही थी।

आर्थर, जिसके होंठ आमतौर पर सख़्ती से भींचे रहते थे, आज उनके कोनों पर हल्का-सा उठाव था। वह सिर झुकाकर हाइडी से बात कर रहा था और उसकी आँखों में ऐसी नरमी थी, जैसी कैरोलाइन ने कभी नहीं देखी थी।

कैरोलाइन के कानों में भनभनाहट होने लगी। उसकी निगाह उन दोनों पर ऐसे टिक गई मानो वह वहीं कील की तरह जड़ हो गई हो।

सात साल। आर्थर से उसकी शादी को सात साल हो गए थे, फिर भी उसे कभी पता नहीं चला था कि वह किसी को इतनी कोमल नज़रों से देख सकता है, किसी की बात इतनी धैर्य से सुन सकता है, या किसी की हँसी पर मुस्कुरा सकता है।

मुद्दा यह नहीं था कि वह नरम नहीं हो सकता—बस वह नरमी कभी कैरोलाइन की नहीं रही।

वह नहीं चाहती थी कि वे उसे देखें, खासकर अभी तो बिल्कुल नहीं।

हाइडी की जाँच जल्दी ही हो गई। आर्थर उसके कमर के पास सहारा देते हुए, बड़े ध्यान से उसे थामे, बाहर की ओर ले गया। दोनों बात करते, हँसते हुए निकल गए।

कैरोलाइन ने सिर झुकाए रखा। जब तक उनके कदमों की आवाज़ पूरी तरह गलियारे में खो नहीं गई, उसने सिर नहीं उठाया। फिर उसने आखिरकार सिर उठाया और लंबी साँस छोड़ी।

“कैरोलाइन हैमिल्टन।” नर्स की आवाज़ उसके पास से आई।

कैरोलाइन ने जल्दी से नाक सिकोड़ी, दिल के भीतर उठते तूफ़ान को दबाया और नर्स के पीछे-पीछे परामर्श कक्ष में चल दी।

उधर हाइडी बाहर निकलने ही वाली थी कि पीछे से किसी परिचित नाम की आहट उसने शायद सुन ली। वह ज़रा-सी ठिठकी।

“क्या हुआ? तबीयत तो नहीं बिगड़ रही?” आर्थर ने तुरंत चिंता से पूछा।

“रिपोर्ट में तो आया है ना कि मैं बिल्कुल ठीक हूँ? फिक्र मत करो, चलो।” हाइडी ने हल्की मुस्कान के साथ कहा।

उसने उस परिचित नाम को मन से झटक दिया और आर्थर के साथ आगे बढ़ गई।

कैरोलाइन की जाँच बिना किसी अड़चन के हो गई, मगर नतीजे उत्साहवर्धक नहीं थे।

डॉक्टर ने स्कैन देखते हुए भौंहें थोड़ा सिकोड़ लीं। “मिस हैमिल्टन, आपकी स्थिति अच्छी नहीं है। इस दौरान आपको आराम करना होगा और बहुत ज़्यादा मेहनत से बचना होगा।”

वह रुका। उसकी नज़र मेज़ पर रखे कैरोलाइन के हाथ पर पड़ी—जिसमें अंगूठी थी—और उसने आह भरी। “अपने हाथ देखिए। बरसों के घर के काम साफ़ दिखते हैं—काफी खुरदरे हो गए हैं। गृहिणियों की यही समस्या होती है—बहुत चिंता, बहुत बोझ। यह ठीक होने के लिए अच्छा नहीं होता।”

कैरोलाइन के होंठ हल्के-से हिले—वह मुस्कुराना चाहती थी, पर मुस्कुरा नहीं सकी।

शायद डॉक्टर को लगा कि उसने ज़्यादा कड़वा बोल दिया है, तो उसका लहजा कुछ ढाढ़स देने वाला हो गया। “आप जानती हैं, आपसे पहले जो महिला आई थी—उसकी सेहत एकदम बढ़िया है, कोई दिक्कत नहीं। उसके पति साथ आए थे, और दोनों बिल्कुल नए-नए शादीशुदा जैसे लग रहे थे—इतने स्नेही।”

उसे जैसे कुछ याद आया और उसने जोड़ दिया, “वो महिला साफ़ तौर पर बड़े घर की, लाड़-प्यार में रहने वाली पत्नी है। उसके हाथ कितने सँवरे हुए हैं, और उसका पति उसे कितना अच्छा रखता है। आप भी घर जाकर अपने पति से बात कीजिए। खुद को इतना मत थकाइए।”

कैरोलाइन के गले से कड़वी हँसी निकली। उसने सोचा, अगर डॉक्टर को पता चल जाए कि हाइडी के साथ जो आदमी था, वही उसका पति है, तो वह क्या सोचेगा।

जब वह परामर्श कक्ष से बाहर निकली, तो बाहर की धूप बिल्कुल सही थी—न ज्यादा तेज़, न कम।

कैरोलाइन वहीं ठिठककर खड़ी हो गई। उसने ज़मीन पर अपनी परछाईं देखी—पतली, अकेली।

उसने धीरे-धीरे अपना हाथ उठाया और उसे देखने लगी। उसके दाएँ हाथ की अनामिका में पहनी शादी की अंगूठी उसे अचानक पराई-सी लगने लगी।

इन्हीं हाथों ने आर्थर की न जाने कितनी कमीज़ें धोई थीं, बच्चों के लिए न जाने कितने खाने बनाए थे, सात साल तक इस घर को संभाला था।

और आखिर में उसे बस यही सुनने को मिला कि उसकी मेहनत “ठीक होने के लिए अनुकूल नहीं” है।

उसने हल्के से साँस ली और उस हीरे की अंगूठी को उतार दिया, जिसने सात साल से उसकी जवानी को कैद कर रखा था, और उसे अपने बैग में रख लिया।

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